Saturday, May 20, 2017

Yogi Aditya Nath – To face hurdle and intrigues within the party!

Yogi Adityanath an honest and stubborn “hathyogi” saint is about to enter into a complex dasha phase after 27th may 2017. He is in the effect of the Jupiter –Mars vinshottaree dasha phase till 27th May 2017.Whenever he was selected as Chief Minister of Uttar Pradesh he was in the pratyantar dasha of Venus in JUP-MARS vinshottaree dasha. In this vinshottary dasha he achieved the highest position of one of the biggest state of the world. If it were a separate country Uttar Pradesh would be world’s fifth most populous nation.
Jupiter and Mars in greater Rajyoga:
 Jupiter and mars are not only in trine or trikona, fifth and ninth house. But Ninth lord Jupiter is placed in the fifth house of the horoscope and whereas fifth lord mars is beautifully placed in the ninth house. For getting higher posts/positions in politics three houses fifth, fourth and ninth houses of the horoscope plays the key role. During his selection as CM his operating Vinshottari mahadasha lord Jupiter in transit was aspecting his ninth and tenth both houses, being retrograde. Antardasha lord mars was transiting over the tenth house on its natal position itself.exalted Venus in transition was transiting over the ninth house itself and over the natal mars , the tenth and fifth lord. So the appropriate dashas had made the quality connection with the transiting planets.since saturn in natal being the eighth lord, aspects the mahadasha lord Jupiter everything was decided in the last moments.
Role of the divisional charts:
The divisional chart dashamsa D10 has three exalted planets mars, sun and moon and more ever the moon is exalted and Vargottam in all the three divisional charts ascendant, Navamsa and Dashamsa.

Moon Sub Sub phase:
Now Yogi is in the dasha phase of Jupiter – Mars – Moon. Moon is ascendant lord placed with seventh and eighth lord retrograde Saturn. the moon with Saturn will disturb him between 29th April and 27th may 2017.from 27th may 2017 the Mahant  will be in the effect of Jupiter –Rahu vimshottary dasha phase.Rahu and its dispositor is in a great Rajyoga but this phase indicates some failures due to deliberate non cooperation of the fellow colleagues and the top leadership of BJP. Few top influential central party leaders of the party will be jealous of him and they shall try to tarnish his image. Many times these leaders will create hurdles in the way of Yogi while he will be doing great jobs. But Yogi will come out safe and with the clean image because he has some great stronger planetary combinations.
What his CHAKRA dasha reveals
Yogi Ji is in the effect of fourth house CHAKRA dasha phase since 08th April 2015 and this shall continue till 2025. Chakra dasha is a unique Parashari dasha where the dashas are counted by houses not by the planets or zodiac signs. He is in effect of the 10-year 4th house CHAKRA dasha phase. The fourth house is being aspected by the tenth and fifth lord mars from the ninth house. As I already mentioned that fourth, ninth and tenth are the best position giving houses for politicians. The seventh house is also important because it represents the public. This fourth house Libra is the eleventh house in the Navamsa chart D9 aspected by the Rahu from the fifth house. In the Dashamsa D10 horoscope fourth house Libra is the second house aspected by Jupiter and exalted sun.
But what about the Antar Dasha phase of sixth house. This sixth house antar dasha time phase gave him the position of a chief minister but being the sixth lord this might create some hurdles for him till October 2017.from 8th December 2016 till 08th October 2017 he is in the effect of 4TH   house mahadasha – 6th house antardasha phase of CHAKRA DASHA . Sun the second house lord placed in the sixth house clearly indicates some problems he is going to face from home, the second house, the party BJP. In the Dashmasa chart D10 twelfth house lord Sun, even in exalted state is very badly placed in the eighth house with the fourth and seventh lord. Sun is also aspected here by exalted mars and retrograde Saturn. In CHAKRA Dasha from October 2017 till 8th august, 2018 Yogi will be in the Fourth-Seventh hoses dasha phase. The seventh house is in the Rahu Ketu axis aspected by retrograde Saturn in Lagna Horoscope. Saturn being seventh and eleventh house lord once again indicates some bigger political conspiracies against this hathyogi. Even in the Navamsa seventh house is in the Rahu Ketu axis aspected by Mars and Saturn .hope this virakt sanyasi , the estranged celibate will successfully come out of all hurdles because of few stronger planetary combinations in his chart.


Tuesday, April 25, 2017

डॉक्टर बनने के ज्योतिषीय योग-

डॉक्टर बनने के ज्योतिषीय योग-

1.5वें घर का 10 वें घर से संबंध हो !
2.छठें घर का 12वें घर से संबंध हो !
3.दूसरे और 11वें का भी संबंध बन जाए तो बहुत बढ़िया !
4.अच्छा बृहस्पति जिसका संबंध लग्न,पंचम दशम से हो ! यह नवांश तथा दशांश कुंडली मे भी हो !
5.सूर्य और चंद्रमा का पीड़ित होना अनिवार्य है !




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Thursday, March 30, 2017

सही जन्म लग्न क्या है आपका - जानिए ज्योतिषी सुशील कुमार सिंह से -

जाने अपना सही लग्न और जन्म समय-

सही जन्म लग् क्या है आपका - जानिए ज्योतिषी सुशील कुमार सिंह से :-

बहुत लोग जीवनभर ग़लत लग्न की कुंडली दिखाते रहते हैं और उपाय लेते रहते हैं ! यदि जातक को यह लगे कि उसको जन्म समय कन्फर्म नहीं है तो खुद तर्क गाढ़ने से बेहतर है कि अच्छे ज्योतिषी से सही जन्म समय और लग्न पता करें ! उसके लिए ढेर सारे तरीके हैं ! कुछेक का उल्लेख किया जा रहा है !
1.अंगूठे की रेखाओं से एक पारखी ज्योतिषी लग्न का पता लगा सकता है ! 12 लग्नों को वायु अग्नि जल पृथ्वी तत्वों तथा अन्य और आधार पर अंगूठे से पहचाना जा सकता है !
2.छोटे भाई छोटे बहन की पैदाइश का समय बड़े भाई की कुंडली से बताया जा सकता है ! तो बड़े भाई का जन्म लग्न जानने के लिए बड़े भाई की तीसरे भाव से संबंधित दशा तथा उस पर शनि , बृहस्पति मंगल सूर्य और चंद्र के गोचर बहुत महत्वपूर्ण होता है !
3. यदि जातक का विवाह हो चुका है तो उसके विवाह की दशा और उससे संबंधित पाँचों ग्रहों के गोचर से जन्म समय और लग्न का पता लगाया जा सकता है !

4.ठीक इसी तरह पहली संतान के जन्म से भी जातक का जन्म और लग्न बताया जा सकता है !

Friday, February 10, 2017

11 फ़रवरी का चंद्र ग्रहण:- क्या होगा असर



चंद्रग्रहण से देश,राजनेताओं,प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी तथा व्यक्ति की हत्या या गंभीर दुर्घटना , सत्ता या पद से हटने की भविष्यवाणी की जाती है ! अर्थात ज़्यादातर दुखद या अशुभ  भविष्यवाणियाँ ही की जा सकती है !
इससे पहले काई वृद्ध ज्योतिषियों ने भूकंप और नेताओं के दुखद अंत की भविष्यवाणियाँ सफलतापूर्वक की हैं ! जैसे गुजरात का भूकंप,नेहरू गाँधी परिवार के दुखद अंत की भविष्यवाणी दिल्ली के वृद्ध ज्ञानवान ज्योतिषी ने 20/30 साल पहले की थी  ! सुशील कुमार सिंह द्वारा जापान की सूनामी का ग्रहण के माध्यम से अपने ब्लॉग में भविष्यवाणी करना आदि ! 

भविष्यवाणी की विधि :-

सबसे पहले देखें कि ग्रहण किन राशियों की धुरी पर पड़ रहा है ! उसके बाद यह देखें कि किन देशों , नेताओं की कुंडली को यह धुरी लग्न और सप्तम भाव को प्रभावी कर रही है ! या चंद्रमा की धुरी को प्रभावित कर रही है या सूर्य की धुरी को प्रभावित कर रही है ! यह धुरी जन्मकालीन किन भाव के स्वामियों या ग्रहों  ग्रहों को प्रभावित कर रही है ! जैसे  सूर्य मकर में  और चंद्र कर्क में हो तो यह आपके की कुंडली की किस धुरी को प्रभावित कर रही है ! लग्न या पंचम की धुरी प्रभावित हो तो नेताओं का ज़्यादा नुकसान और अशुभ होता है ! 

11 के ग्रहण में सूर्य मकर और चंद्रमा कर्क राशि में है ! कभी कभी  तो ग्रहण एक दो दिन पहले या एक दो दिन बाद ही अपना बुरा असर दिखा देता है क्योंकि इसका संबंध पूर्णिमा या अमावश्या से भी है ! इसका असर 6 महीने या उससे ज़्यादा भी रहता है ! इसलिए उस समय की दशायें भी महत्वपूर्ण होती हैं ! 
विभिन्न लोगों और दलों पर प्रभाव :-

सोनिया गाँधी - सोनिया गाँधी के लग्न और सातवें घर में पड़ रहा यह ग्रहण उनके लिए शुभ नही होगा तब जबकि उनके राहु केतु और मार्केश सप्तमेश के ऊपर से गोचर कर रहा है !महादशा भी द्वादशेष की है जो उनके सेहत और प्रतिष्ठा के लिए ठीक नहीं है !

नरेंद्र मोदी - मोदी के लग्न और चंद्र से  तीसरे घर में बुरा नहीं है पर पर सूर्य से पाँचवे भाव की धुरी पर ठीक नहीं है !

अटल बिहारी बाजपेयी-
अटल जी के जन्मकालीन राहु केतु के ऊपर यह ग्रहण लगेगा जो ठीक नही है ! गोचर अष्टमेश और द्वितयेश के ऊपर से गुजर रहा है और सप्तम भाव स्थित शनि की विनषोत्तरी दशा शुरू हो गयी है ! आने वेल काल शुभ नहीं है ! 

 अमर सिंह - अमर सिंह जिनकी लग्न मकर है उनके लग्न के ऊपर यह ग्रहण लगेगा ! लग्न और सप्तम भाव मे ही सूर्य और चंद्र है अतः लग सूर्य और चंद्र तीनों के ऊपर ग्रहण ग्रहण शुभ नहीं है सेहत और करियर दोनों के लिए ! उनकी दशा भी सूर्य की ही है जो अष्टमेश होकर अभी शुरू हुई है !

Wednesday, December 28, 2016

कैसा रहेगा 2017 भारत और उसके नेताओं का

भारत की कुंडली में इस समय चंद्र में मंगल की विनषोत्तरी दशा चल रही है ! तीसरा भाव जिसमें चंद्र बैठा है वह संचार , मीडीया रेलवे और ऑटोमोबाइल का है ! सितंबर 2015, जबसे चंद्र की विनषोत्तरी दशा शुरू हुई है ! ये सारे सेक्टर चर्चा में है ! रेलवे के लिए 2017 का साल बहुत सफल होगा ! जुलाइ 2016 से भारत मंगल की अंतरदशा में गया है ! यह मंगल दूसरे भाव में है अर्थात वित्त या फिनैन्स के भाव में ! किसी भी देश के लिए उसकी कुंडली का दूसरा घर सबसे महत्व रखता है ! क्रय शक्ति  निवेश की क्षमता पूरी अर्थव्यवस्था स्टॉक मार्केट और बैंकिंग यह सारे दूरे घर ही संबंधित हैं ! स्वतंत्रता की  वृष लग्न की कुंडली में मंगल सातवें का और बारहवे घर स्वामी है ! सातवाँ घर व्यवसाय सहयोग तथा जनता से संबंधित है ! सातवें के साथ साथ मंगल बारहवें घर का भी स्वामी है ! बारहवां घर सीक्रेट प्लॉट्स  जासूसी  गुप्त समझौते घोटाले  या तस्करी  ,घाटे को दर्शाता है ! अर्थात 8 फ़रवरी 2017 तक का काल  बैंक और  वित्तीय अनियमितता से संबंधित रहेगा ! क्योंकि मंगल ज़मीन और प्रॉपर्टी का कारक ग्रह है इसलिए 8 फ़रवरी तक सरकार बेनामी संपत्तियों के ऊपर हमला करेगी इसमें दो राय है ही नही ! इस समय तक देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान भी संभव है ! सरकार के तथा सरकार के बाहर के काई लोग वित्तीय अनियमितता गमन और फ्रॉड के मामले में जेल जाएँगे ! फ़रवरी से लेकर पूरे साल तक मंगल मे राहु की विनषोत्तरी दशा चलेगी ! कुछ आकस्मिक घटनाओं और अस्थिरता संभव है देश में क्योंकि मंगल रहस्यमयी ग्रह केतु का dispositor है ! (केतु जिस राशि में है उसका स्वामी ग्रह बुध है ! केतु मतलब कुछ भी हो सकता है आकस्मिक तौर पर ! इन अपवादों को छोड़  दें तो भारत के लिए यह साल बहुत प्रभावशाली होगा !

अब कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों , दलों  के बारे में जानें कि  कैसा होगा उनका साल 2017

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अखिलेश यादव %& मंगल के नक्षत्र कृतिका में 24 अक्तूबर को सुबह 06:06:26 पर पैदा हुए अखिलेश यादव इस समय बृहस्पति में शनि की विनषोत्तरी दशा में हैं ! राहु तीसरे भाव में बृहस्पति के साथ है ! यहाँ बृहस्पति कमज़ोर हो गया है और राहु मजबूत हो गया है ! पर बृहस्पति कमज़ोर हो गया है ! अखिलेश राहु में मंगल की दशा में अप्रत्याशित सफलता के साथ मुख्यमंत्री बनेबृहस्पति उनके तीसरे और च्चते भाव का स्वामी है ! ब्राह्मण या ब्राह्मण की तरह के लोगों का समर्थन कम होगा उन्हें चुनावों में ! शनि राजनेता के दो सबसे महत्वपूर्ण भावों चौथे और पाँचवे का स्वामी होकर आठवें में बैठा है और पाप ग्रह होकर वक्री भी है ! तो अंतरदशा बहुत ही खराब और चनौतीपूर्ण समय का संकेत दे रहा है ! यह साज़िशों का भाव है जिनको ट्रेस करना कठिन होता है , बिल्कुल सीक्रेट प्लॉट्स की तरह ! पर आठवाँ भाव आकस्मिकता और जिसकी उम्मीद ना की गयी हो ऐसे अच्छे और बुरे परिणाम देती है ! आठवें भाव की भविष्यवाणी करना ज्योतिषी के लिए कठिन हो जाता है ! शनि धनु से उनके तीसरे घर को 26 जनवरी से देखेगा तथा बृहस्पति आठवें को देख रहा है ! उनका भविष्या 2017 के परिपेक्ष में आठवें घर में बैठे वक्री शनि पर निर्भर करेगा !

मायावती %& मंगल के नक्षत्र में पैदा हुई मायावती बारहवें और तीसरे घर के स्वामी बुध की महादशा और शुक्र की अंतरदशा में चल रही हैं ! बुध सातवें और शुक्र आठवें घर में हैं ! इस शुक्र पर गोचर के शनि की दृष्टि पड़ेगी 26 जनवरी से ! वैसे यह शुक्र दशांस कुंडली में उच्च का होकर चौथे घर में बैठा है बुध के साथ ! यहाँ भी आकस्मिकता और अप्रत्याशित परिणाम चाहे अच्छे हो या बुरे दिखाई दे रहा है ! शनि की दशा 2013 में ही समाप्त हो गयी मायावती की जो जबरदस्त राजयोग में था और बहुत बार सत्ता का स्वाद चखा ! उन्हें अपने सेहत का भी ध्यान रखना होगा !

राहुल गाँधी %& राहुल गाँधी अक्तूबर 2016 से केतु के अंतर में चुके है ! यह केतु सबसे रहस्यमयी ग्रह है ! इसके अगले वार को कोई पकड़ नही पाता ! 9 मार्च 17 से राहुल गाँधी मंगल में शुक्र की दशा में जाएँगे ! शुक्र लग्नेश और अष्टमेश और अष्टमेश होकर दशम में है पर नवांश में नीच का है ! अर्थात उन्हें कोई चुनावी सफलता मिल सकती है ! पर उन्हें सतर्क रहना होगा क्योंकि किसी तरह का भद्दा आरोप लगने की भी संभावना है !

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Yogi Aditya Nath – To face hurdle and intrigues within the party!

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